गांधीनगर, 24 मार्च : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के भिन्न-भिन्न हेरिटेज स्थलों, पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा अलग-अलग मॉन्यूमेंट्स की विरासत बनाए रखते हुए अधिक से अधिक पर्यटकों-लोगों को उनके इतिहास, संस्कृति एवं अन्य महात्म्य से परिचित कराने के लिए ‘विकास भी, विरासत भी’ का दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशादर्शन में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को वडनगर के हाटकेश्वर मंदिर के नवनिर्मित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से साकार किया है।
हाटकेश्वर मंदिर के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु इस मंदिर के पौराणिक इतिहास को भली-भाँति जान सकें; इस उद्देश्य से गुजरात पर्यटन निगम लिमिटेड (टीसीजीएल) द्वारा 5.53 करोड़ रुपए की लागत से इस मंदिर में अत्याधुनिक लाइट एंड शो का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर में आयोजित तीन दिवसीय शिव पंचायत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में सोमवार को सहभागी होकर हाटकेश्वर मंदिर के लाइट एंड साउंड शो, स्वर्ण शिखर, ध्वजारोहण तथा नवनिर्मित यज्ञशाला का लोकार्पण कार्यक्रम किया।
मुख्यमंत्री इस महोत्सव में भक्ति-भावपूर्वक सहभागी हुए और उन्होंने हाटकेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन किया तथा स्वर्ण शिखर के दाता परिवारों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जन्मभूमि वडनगर पुरातत्वीय अनुभवात्मक संग्रहालय, कीर्ति तोरण, शर्मिष्ठा सरोवर, ताना-रीरी पार्क, बुद्धिस्ट मॉनेस्ट्री, थीम पार्क जैसी विरासतों के परिणामस्वरूप देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना है। पुराण प्रसिद्ध हाटकेश्वर महादेव की गाथा का वर्णन करने वाले अत्याधुनिक लाइट एंड शो के माध्यम से अब इन आकर्षणों में एक और नजराना जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के महत्वपूर्ण तीर्थस्थानों में प्रमुख माने जाने वाले वडनगर स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व अद्वितीय है। यहाँ भगवान शिव स्वयंभू पाताल लोक से पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। हाटकेश्वर महादेव के इस मंदिर का पुरातन इतिहास ‘नागरखंड’ तथा ‘स्कंद पुराण’ में भी उल्लेखित है।

नागर जाति के कुलदेवता के रूप में जाने जाने वाले हाटकेश्वर महादेव का यह मंदिर विश्वभर में आस्था का विशिष्ट स्थान है। इस पुरातन मंदिर की शिल्पकला वैभवमय है; जहाँ विशाल मंडप, शिल्पों द्वारा दर्शाए गए विष्णु के दशावतार तथा पांडवों के अरण्यवास से जुड़े शिल्प दर्शनार्थियों का ध्यानाकर्षित करते हैं। आज भी देश-विदेश से नागर समुदाय सहित हजारों भक्त हर वर्ष हाटकेश्वर महादेव के दर्शनार्थ आते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर की ऐसी पराणिकता तथा गौरवमय विरासत को अधिक गहनतापूर्वक समझने के लिए अब यहाँ पर्यटन विभाग द्वारा लाइट एंड साउंड शो का विशेष आयोजन किया गया है। यह शो भक्तों को हाटकेश्वर महादेव के इतिहास के साथ जीवंत रूप से जोड़ेगा तथा भक्ति-भाव के साथ उनकी यात्रा को अधिक मर्मस्पर्शी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यह जन्मभूमि आज देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनी है। इस वर्ष लगभग 6 लाख लोग वडनगर की यात्रा कर इस नगर के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व से परिचित हुए हैं।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि वडनगर का हाटकेश्वर मंदिर लाइट एंड शो की सुविधा से युक्त राज्य का सातवाँ पर्यटन यात्राधाम बना है। राज्य में सोमनाथ, अंबाजी, शामळाजी तथा मोढेरा जैसे यात्राधाम एवं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी व कच्छ के धोरडो जैसे विश्व पर्यटन स्थलों के दर्शन को आने वाले लाखों पर्यटकों-श्रद्धालुओं को इन स्थलों के इतिहास तथा उनकी भव्य गाथा लाइट एंड शो के माध्यम से जानने को मिलती है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में अब इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टीसीजीएल द्वारा पर्यटकों-श्रद्धालुओं के लिए अब वडनगर में भी हाटकेश्वर मंदिर का लाइट एंड साउंड शो शुरू किया गया है।
इस लोकार्पण अवसर पर सामाजिक अग्रणी सोमभाई मोदी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एम. के. दास, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार, टीसीजीएल के प्रबंध निदेशक, सांसद हरिभाई, विधायक, स्थानीय अग्रणी, वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष व पदाधिकारी, हाटकेश्वर महादेव मंदिर के न्यासी तथा नागरिक आदि उपस्थित रहे।