केजरीवाल के संभावित ‘हुड़दंग’ का तोड़ हैं रेखा
दिल्ली की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व हैं रेखा
केजरीवाल की ‘महिला लुभावन’ नीति का जवाब हैं रेखा
भाजपा में साधारण से असाधारण बनने की संभावना की प्रतीक हैं रेखा
भाजपा के ‘नारी शक्ति’ समर्थक होने का संदेश हैं रेखा
‘परिवारवादी पार्टियों’ को भाजपा का कड़ा संदेश हैं रेखा
गांधीनगर, 20 फरवरी : देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा-बीजेपी) ने राजधानी दिल्ली में एक महिला को मुख्यमंत्री बनाकर बहुत बड़ा राजनीतिक दाँव चला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा की तिकड़ी ने 27 वर्षों के बाद दिल्ली के दिल में भाजपा को जगह मिलने के बाद रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के पद पर आरूढ़ कर देश की राजनीति में एक ऐसा रेखांकन बनाया है, जिसके माध्यम से भाजपा विरोधियों के लिए एक ‘लक्ष्मण रेखा’ खींच दी है, जो न केवल दिल्ली; अपितु देशभर में भाजपा विरोधियों पर लगाम लगाएगी।
इतना ही नहीं; मोदी-शाह युग वाली भाजपा ने हमेशा की तरह चौंकाने की परंपरा को बनाए रखते हुए बुधवार रात भारी क्लाईमेक्स के बीच दिल्ली के 48 विधायकों में से रेखा गुप्ता का चयन किया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान की तर्ज पर भाजपा ने भले ही अचानक किसी अनजान नाम की घोषणा नहीं की, परंतु दिल्ली में भी कई नामों की चर्चाओं के बीच अंतिम क्षणों तक यह जाहिर नहीं होने दिया गया कि रेखा गुप्ता जैसी साधारण महिला दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री होंगी।
कभी भाजपा की साधारण कार्यकर्ता रहीं रेखा गुप्ता को चंद घण्टों में अचानक मुख्यमंत्री बना कर भाजपा ने एक बाण से कई लक्ष्य साधे और कई विरोधियों को भेदा है। भाजपा ने रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाकर सबसे पहले तो दिल्ली में विद्यमान अपने सबसे बड़े राजनीतिक विरोधी आम आदमी पार्टी तथा अरविंद केजरीवाल के समक्ष मजबूत काट पेश की है। केजरीवाल की राजनीति की पद्धति और आंदोलनों के जरिये हंगामा मचाने की प्रवृत्ति के समक्ष एक महिला मुख्यमंत्री ही मजबूत चुनौती पेश कर सकती थीं और इसी कारण भाजपा ने रेखा गुप्ता का मुख्यमंत्री के रूप में चयन किया। इसके साथ ही मोदी और शाह की जोड़ी ने फिर एक बार यह सिद्ध कर दिया कि भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता को भी बड़े सपने देखने की छूट है। रेखा गुप्ता भाजपा में साधारण से असाधारण बनने की संभावना की प्रतीक हैं। रेखा गुप्ता दिल्ली की आधी आबादी में भाजपा की प्रतिनिधि हैं। रेखा के जरिये भाजपा ने पार्टी के नारी शक्ति समर्थक होने का सुदृढ़ संदेश दिया है।
परवेश को दरकिनार कर परिवारवाद पर प्रहार
बुधवार को दिनभर मीडिया में दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री के रूप में चल रहे कई नामों में सबसे प्रमुख नाम था परवेश वर्मा का, परंतु भाजपा ने परवेश को दरकिनार कर रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के रूप में मनोनीत किया, क्योंकि परवेश वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत साहिब सिंह वर्मा के पुत्र हैं। ऐसे में यदि भाजपा परवेश को मुख्यमंत्री बनाती, तो परिवारवाद को प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से बढ़ावा देने के आरोप लग सकते थे। इसीलिए भाजपा ने रेखा की रेखा खींच कर देश की कांग्रेस-समाजवादी पार्टी सहित कई परिवारवादी पार्टियों को कड़ा संदेश दिया कि भाजपा में मुख्यमंत्री बनने के लिए राजनीतिक विरासत का होना आवश्यक नहीं है।