पद आधारित नहीं, कार्य आधारित संशोधित वाहन खरीद नीति घोषित
फील्ड निरीक्षण-एनफोर्समेंट के लिए कैटेगरी-एफ और ऑफ-रोड ड्यूटी के लिए कैटेगरी-एफ1 शामिल
कैटेगरी-एफ में Mahindra XUV400 और Tata Nexon EV जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों को स्थान
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण पहल
गांधीनगर, 12 अक्टूबर : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने सरकारी वाहन खरीद नीति को समय की आवश्यकता तथा सरकारी कार्यों के बदलते स्वरूप के अनुरूप अधिक व्यापक बनाया है। वर्ष 2023 में लागू हुई वाहन खरीद नीति में मंत्रियों, उच्च अधिकारियों, जिला स्तर के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और सरकारी कार्यालयों के लिए अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित की गई थीं। अब वर्ष 2026 में हाल ही में किए गए संशोधन के माध्यम से इस ढाँचे को और आगे बढ़ाते हुए फील्ड निरीक्षण, एनफोर्समेंट और ऑफ-रोड कार्यों के लिए दो नई कैटेगरी जोड़ी गई हैं।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा परिवहन विभाग का प्रभार संभाल रहे उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में घोषित संशोधित वाहन खरीद नीति की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल) को भी सरकारी वाहन खरीद के नए विकल्पों में अधिक स्पष्ट स्थान दिया गया है। कैटेगरी-एफ में Mahindra XUV400 EL Pro 39.4 kWh और Tata Nexon EV Creative 45 जैसे EV मॉडल शामिल किए गए हैं। यानी वर्ष 2023 में कैटेगरी-डी और कैटेगरी-ई में Tata Tigor EV को स्थान दिए जाने के बाद वर्ष 2026 में EV का विकल्प फील्ड निरीक्षण की नई कैटेगरी तक विस्तृत हुआ है। वर्ष 2023 की नीति में भी कैटेगरी-डी और ई में Tata Tigor EV को शामिल किया गया था।
2023 की नीति में छह कैटेगरी का ढाँचा
11 अप्रैल, 2023 की नीति वर्ष 2019 की पिछली नीति के स्थान पर लागू की गई थी। पुराने कुछ वाहनों का उत्पादन बंद होने और बाजार में नई तकनीक वाले वाहन उपलब्ध होने के कारण वह संशोधन किया गया था। वर्ष 2023 में कैटेगरी-ए से कैटेगरी-ई तक की छह प्रमुख कैटेगरी के माध्यम से पद एवं जिम्मेदारी के अनुसार वाहनों का निर्धारण किया गया था। कैटेगरी-ए में मंत्रियों और मुख्य सचिव, ए1 में VVIP राज्य अतिथियों, बी में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं, बोर्ड-निगमों आदि के प्रमुखों, सी में कलेक्टर-डीडीओ-एसपी सहित जिला स्तर के अधिकारियों, डी में विभागाध्यक्षों और समकक्ष अधिकारियों तथा ई में सरकारी कार्यालयों के लिए स्टाफ कार का प्रावधान था।
2026 में फील्ड निरीक्षण और एनफोर्समेंट के लिए वाहनों की खरीद
वर्ष 2026 के संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण नया प्रावधान कैटेगरी-एफ – फील्ड इंस्पेक्शन/एनफोर्समेंट व्हीकल्स है। इस कैटेगरी में Mahindra Scorpio N Z4 4X4, Mahindra Thar Roxx MX5, Mahindra Bolero Neo N10 (O), Kia Carens Clavis HTE (O), Maruti Suzuki Ertiga ZXI Plus, Toyota Rumion V, Mahindra XUV400 EL Pro 39.4 kWh – E-Vehicle और Tata Nexon EV Creative 45 – E-Vehicle को शामिल किया गया है।
यहाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय बात यह है कि नई फील्ड कैटेगरी में ही दो इलेक्ट्रिक वाहनों को स्पष्ट स्थान दिया गया है। यानी सरकार की वाहन नीति में EV का उपयोग केवल सामान्य सरकारी कार्यालयों के वाहनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब फील्ड निरीक्षण और एनफोर्समेंट जैसे कार्यों में भी EV का विकल्प उपलब्ध हुआ है।
यह गुजरात के स्वच्छ एवं अधिक टिकाऊ परिवहन की दिशा में अपनाए गए दृष्टिकोण के अनुरूप भी है। गुजरात की पिछली EV नीति का भी एक प्रमुख उद्देश्य राज्य के परिवहन क्षेत्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाना रहा है।
कैटेगरी-एफ1 : ऑफ-रोड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्था
वर्ष 2026 की दूसरी नई कैटेगरी है कैटेगरी एफ1 – ऑफिसर्स ऑन ऑफ रोड ड्यूटीस। यह कैटेगरी विशेष रूप से गृह विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, उद्योग एवं खान विभाग, नर्मदा, जल संसाधन, जलापूर्ति एवं कल्पसर विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण आवास विभाग, बंदरगाह एवं परिवहन विभाग, सड़क एवं भवन विभाग तथा राजस्व विभाग जैसे विभागों में ऑफ-रोड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों के लिए लागू की गई है। कैटेगरी-एफ1 में कैटेगरी-एफ के सभी वाहनों के अतिरिक्त; Tata Yodha Pickup, Isuzu V-Cross 4WD Z, Mahindra Bolero Pick-Up 4WD और Mahindra Bolero Camper Gold RX 4WD जैसे विशेष ऑफ-रोड वाहनों को भी शामिल किया गया है। इस प्रावधान से वन क्षेत्रों, दूरदराजी क्षेत्रों, कच्ची सड़कों, खनन क्षेत्रों, निर्माण एवं विकास परियोजनाओं के स्थलों तथा अन्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों के लिए वाहन चयन अधिक व्यावहारिक बना है।
EV को प्रोत्साहन : 2023 से 2026 तक स्पष्ट विस्तार
वर्ष 2023 की नीति में ही EV के प्रति दृष्टिकोण दिखाई देता था। कैटेगरी-डी और कैटेगरी-ई में Tata Tigor EV XE को शामिल किया गया था। अहमदाबाद-गांधीनगर या 50 किलोमीटर की सीमा में कार्य करने वाले कुछ निर्धारित अधिकारियों को समान कैटेगरी और कीमत का EV चुनने का विकल्प भी दिया गया था। वर्ष 2026 में इस दृष्टिकोण का और विस्तार किया गया है। अब कैटेगरी-एफ में Mahindra XUV400 और Tata Nexon EV जैसे नए EV मॉडल शामिल हुए हैं। इस प्रकार; वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 की नीति में EV को अधिक आधुनिक और कार्योन्मुख विकल्प के रूप में आगे बढ़ाया गया है। सरकारी वाहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों का दायरा बढ़ाने की दिशा में इस प्रावधान को महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है।
एक ही नीति में शहर से सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक की जरूरतों का समावेश
वर्ष 2026 का संशोधन केवल वाहनों की सूची में वृद्धि नहीं करता, बल्कि इसमें सरकारी कार्यों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। एक ओर मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के लिए पहले की कैटेगरी पूर्ववत रखी गई हैं, वहीं दूसरी ओर फील्ड निरीक्षण के लिए कैटेगरी-एफ और ऑफ-रोड कार्यों के लिए कैटेगरी-एफ1 जोड़ी गई हैं। इस प्रकार; अब सरकारी वाहन व्यवस्था में पद, कार्य और स्थान की परिस्थितियों; तीनों पहलुओं को ध्यान में रखकर वाहन चुनने की अधिक सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित होती है।
GeM के माध्यम से पारदर्शी खरीद और खर्च में अनुशासन
नई कैटेगरीस जोड़े जाने के बावजूद खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनुशासन को महत्व दिया गया है। वर्ष 2023 की नीति में सभी निर्धारित वाहनों को Government e-Marketplace (GeM) से वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार खरीदने का प्रावधान था। नीति में निर्धारित वाहनों से अलग कोई वाहन खरीदना हो, तो विशेष परिस्थितियों और आवश्यक कारणों के साथ सक्षम स्तर की मंजूरी तथा सरकार की पूर्व स्वीकृति लेने की व्यवस्था भी रखी गई थी। नई नीति में भी इन सभी प्रावधानों को बरकरार रखा गया है।
2023 से 2026 : वाहन नीति का अधिक आधुनिक चरण
कुल मिलाकर; वर्ष 2023 की नीति ने सरकारी वाहन खरीद के लिए पद आधारित सुव्यवस्थित ढाँचा तैयार किया था, जबकि वर्ष 2026 का संशोधन इसमें कार्य आधारित आवश्यकताओं को जोड़ता है। विशेष रूप से EV को नई फील्ड कैटेगरी में स्थान देना, फील्ड निरीक्षण और एनफोर्समेंट के लिए अलग कैटेगरी बनाना तथा ऑफ-रोड कार्यों के लिए 4WD और पिकअप वाहनों को मंजूरी देना; ये तीनों पहलू वर्ष 2026 के संशोधन को अधिक व्यावहारिक बनाते हैं।
इस प्रकार; गुजरात सरकार की नई वाहन खरीद नीति में आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, मैदानी कार्यों और वित्तीय अनुशासन; चारों का संतुलित समन्वय दिखाई देता है। सरकारी वाहन व्यवस्था को केवल पद से नहीं, बल्कि कार्य की वास्तविक आवश्यकता से जोड़ने वाला यह संशोधन आने वाले समय में सरकारी कामकाज को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
